अंगूठा हूं मैं एक / ऊंगलियां चार/मिले सब हथेली हो गई तैयार /दसों से करता हूं कीबोर्ड पर वार / कीबोर्ड ही है अब मेरे लिखने का हथियारजब बांध लिया तो बन गया मुक्का / सकल जग की ताकत है अब चिट्ठा।
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2 टिप्पणियाँ:
badhiya jaankaari
बहुत सच कहा आपने।
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