अंगूठा हूं मैं एक / ऊंगलियां चार / मिले सब हथेली हो गई तैयार / दसों से करता हूं कीबोर्ड पर वार / कीबोर्ड ही है अब मेरे लिखने का हथियार जब बांध लिया तो बन गया मुक्‍का / सकल जग की ताकत है अब चिट्ठा।

हिन्‍दी ब्‍लॉगिंग का आने वाला हर पल हर बरस मंगलमय हो (अविनाश वाचस्‍पति)

>> बृहस्पतिवार, 31 दिसम्बर 2009


हिन्‍दी ब्‍लॉगिंग का कोई भी लम्‍हा कहीं नहीं गया है। सब स्‍मृतियों में है। ब्‍लॉगिंग के इस 'ठंडा ठंडा कूल कूल' को बिल्‍कुल मत भूलें और न किसी को भूलने दें। ब्‍लॉगिंग के झूले में सदा ही झूलें। पोस्‍टों और टिप्‍पणियों के हिंडोले में डोलें। ब्‍लॉग बो लें। पोस्‍टों को सींचें और टिप्‍पणियों को भी मत भींचें। इन तीनों का होना विश्‍वास का प्रतीक है। इसे जीवन में रचने बसने दें।

मंगलमय हो अब नया साल
नहीं पूछ रहे पुराने का हाल
सदा यही कहानी है।

2009 जा रहा है और सब उल्‍लास मना रहे हैं। अब यह जाने वाले से मुक्ति की खुशी है या आने वाले के आगमन से मन का प्रफुल्लित होना है। जब 2009 आया था तो हम इसके स्‍वागत में मस्‍त रहे। आज 2010 के स्‍वागत में व्‍यस्‍त हैं। गहराई से मनन कीजिए कि प्रत्‍येक वर्ष आते समय तो खुशी परन्‍तु उसके जाने पर दुख का न होना, मानव मन की स्‍वार्थी प्रवृत्ति को व्‍यक्‍त करता है। किसी को यह कहते नहीं सुना, 'ओह ! तो एक साल और चला गया' जबकि सब कहते मिल रहे हैं 'अहा ! नया साल आ गया।'

जाने पर उसके उठा रहे सवाल
गलतियों भरा रहा सारा ही साल
सदा यही कहानी है।

तो हम भी सवाल उठाते हुए नये साल की खुशियों में मस्‍त हो जाते हैं। पुराने को भूल जाते हैं। वैसे पुराने साल ने हमें दिया ही क्‍या है, अगले साल में आशाओं की बरसात होनी है। उसमें सब भीगेंगे। पुराने को याद करें और रोयें, इससे तो बेहतर है सपने देखें और सोयें।
पर यह हमारा सोना न जाने कितनों की चमक कम कर रहा है। न सोना काम का है और न रोना। तो मेरा कहा मानिये : न सोइये, न रोइये - हंसिये और उल्‍लास मनाइये। खुद भी हंसें और औरों को भी हंसायें। हंसते हंसते सब पुराना बरस बितायें और नये साल को भी हंसते हंसते मनायें।

आने पर प्रफुल्लित हैं सब जन
मन में सबके खुशियां भर आंगन
सदा यही कहानी है।

खुशी एक गुलाब है और दुख एक कांटा है। इन दोनों का बसेरा एक जगह ही है। इन्‍हें एक साथ ही रहना चाहिये। पर हम कांटे से गुलाब को छीनकर अलग-अलग कर देते हैं। कांटे को पड़ोसी के लिए और गुलाब को अपने लिए सहेज लेते हैं। पर हमें ऐसा नहीं करना चाहिए। अगर हम कांटा नहीं चाहते हैं तो हमें गुलाब को भी छीनने का हक नहीं है। पर यहां देर भी है और अंधेर भी है।

प्रत्‍येक गुलाब को
कांटे से दूर
होना ही है।

यही होनी है और होनी सदा बलवान होती है। नजर नहीं आती पर पहलवान होती है। इसकी पहलवानी पर किसी को न कभी कोई शक रहा है और न रहेगा। भावनाओं का ज्‍वार ऐसे ही बहता है और ऐसे ही बहता रहेगा। पर इस ज्‍वार को ज्‍वर न बनने दें।

मन तक सभी के पहुंच बनायें। अपने मन तक सभी को पहुंचने दें। मन की यह पहुंच बहुत शक्तिशाली है। इसे खुले में खेलने दें। यह सारा खुलापन अब हिन्‍दी ब्‍लॉगिंग में है। अपनी भावनाओं और विचारों को खुली अभिव्‍यक्ति दें।

21 टिप्पणियाँ:

Mithilesh dubey 31 दिसम्बर 2009 10:52 pm  

आपको नव वर्ष की हार्दिक बधाई........

विनोद कुमार पांडेय 31 दिसम्बर 2009 11:09 pm  

आपको भी नये वर्ष की हार्दिक बधाई!!!

दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi 31 दिसम्बर 2009 11:27 pm  

मुबारक हो नया साल, नय़ी खुशियाँ लाए, सब के लिए।

Manju Gupta 31 दिसम्बर 2009 11:52 pm  

मजा आ गया मनोभाव पढकर . आप सब को नव 'नव वर्ष २०१० ' की मंगल कामनाएं .

Udan Tashtari 1 जनवरी 2010 12:07 am  

सही है महाराज!!



वर्ष २०१० मे हर माह एक नया हिंदी चिट्ठा किसी नए व्यक्ति से भी शुरू करवाने का संकल्प लें और हिंदी चिट्ठों की संख्या बढ़ाने और विविधता प्रदान करने में योगदान करें।

- यही हिंदी चिट्ठाजगत और हिन्दी की सच्ची सेवा है।-

नववर्ष की बहुत बधाई एवं अनेक शुभकामनाएँ!

समीर लाल
उड़न तश्तरी

VIJAY TIWARI " KISLAY " 1 जनवरी 2010 12:14 am  

"Beauty..Freshness..Dreams..Truth.. Imagination..Feeling..Faith..Trust.. This is beginning of a new year!"
-vijay

संगीता पुरी 1 जनवरी 2010 12:28 am  

बहुत बढिया .. आपके और आपके परिवार के लिए भी नववर्ष मंगलमय हो ।

ललित शर्मा 1 जनवरी 2010 12:35 am  

अब आ गया है नया साल
सर्व जन हो खुशहाल
जीवन हो सबका सुखदाई
नये साल की बधाई

अविनाश जी-आपको एवं सारे परिवार को शुभकामनाएं

राज भाटिय़ा 1 जनवरी 2010 1:01 am  

आप को ओर आप के परिवार को नववर्ष की बहुत बधाई एवं अनेक शुभकामनाए

हास्यफुहार 1 जनवरी 2010 7:43 am  

2010 साल मंगलमय हो।

Murari Pareek 1 जनवरी 2010 8:05 am  

नव वर्ष की शुभकामनाए!!

सिद्धार्थ शंकर त्रिपाठी 1 जनवरी 2010 9:13 am  

बहुत सुन्दर अभिव्यक्ति है, नये साल की शुरुआत के लिए। आपको भी ढेरों शुभकामनाएं।

Murari Pareek 1 जनवरी 2010 9:48 am  

इसीलिए तो हम हर्षौल्लास से कहते की खुश रहो हर पल को जियो ! नए साल की ढेर साड़ी शुभ कामनाए!!

सुलभ सतरंगी 1 जनवरी 2010 10:44 am  

नया वर्ष नयी उम्मीदों
नयी तैयारियों के नाम
नूतन उत्साह और
नवीन चेतना के नाम

नववर्ष की बधाई एवं शुभकामनाओं सहित
- सुलभ जायसवाल 'सतरंगी'

धीरज शाह 1 जनवरी 2010 1:04 pm  

नव वर्ष की हार्दिक बधाई।

राजकुमार ग्वालानी 1 जनवरी 2010 1:45 pm  

आप और आपके परिवार को नववर्ष की सादर बधाई
नव वर्ष की नई सुबह

राजकुमार ग्वालानी 1 जनवरी 2010 1:45 pm  

आप और आपके परिवार को नववर्ष की सादर बधाई
नव वर्ष की नई सुबह

शबनम खान 1 जनवरी 2010 3:36 pm  

naya saal dhero khushiya laye..
shubhkamnaye...

प्रवीण त्रिवेदी ╬ PRAVEEN TRIVEDI 2 जनवरी 2010 5:24 am  

हैप्पी न्यू इयर -२०१०

नये साल में रामजी, इतनी-सी फरियाद,
बना रहे ये आदमी, बना रहे संवाद।
नये साल में रामजी, बना रहे ये भाव,
डूबे ना हरदम, रहे पानी ऊपर नाव ।
नये साल में रामजी, इतना रखना ख्याल,
पांव ना काटे रास्ता, गिरे न सिर पर डाल।
नये साल में रामजी, करना बेड़ा पार,


क्या-क्या चाहते हैं, क्या-क्या सोचते हैं, क्या फरियाद है हमारी हमारे राम से - कवि ’कैलाश गौतम’ की रचना http://ramyantar.blogspot.com/2010/01/blog-post.html

alka sarwat 3 जनवरी 2010 4:33 pm  

नए साल में हिन्दी ब्लागिंग का परचम बुलंद हो
स्वस्थ २०१० हो
मंगलमय २०१० हो

पर मैं अपना एक एतराज दर्ज कराना चाहती हूँ
सर्वश्रेष्ठ ब्लॉगर के लिए जो वोटिंग हो रही है ,मैं आपसे पूछना चाहती हूँ की भारतीय लोकतंत्र की तरह ब्लाग्तंत्र की यह पहली प्रक्रिया ही इतनी भ्रष्ट क्यों है ,महिलाओं को ५०%तो छोडिये १०%भी आरक्षण नहीं

अविनाश वाचस्पति 4 जनवरी 2011 5:30 pm  

गया साल जब आया था, तब जो आये थे, वे इस बार कहां चले गये हैं किशोरों और युवाओं के लिए उपयोगी ब्‍लॉगों की जानकारी जल्‍दी भेजिएगा

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